HTML in 10 Minutes in Hindi

HTML in 10 Minutes in Hindi : ये तो हम सभी लोग जानते हैं की html is the Language of the web. Html की सहायता से वेब पेज के Structure बनाया जाता है CSS की सहायता से इसको स्टाइल किया जाता है और JavaScript की सहायता से इसपर LOGIC जोड़ा जाता है. 1989 में Tim Berners-Lee ने www की स्थापना करी और 1991 में इन्होने html को बनाया उस टाइम पर html एक बहुत ही basic भाषा थी. जिसमे इमेज टैग भी नही था. 1991 में जब और programming language अलग अलग फ़ील्ड्स में evolve हो रही थी. तब Tim Berners-Lee ने सोचा की Web Developers के लिए भी एक language का बनना बहुत ज़रूरी है. और एक Standard का बनना बहुत ज्यादा ज़रूरी है.

इन्होने html को फुल सपोर्ट देते हुए आगे बढ़ाया और Web Developers की परेशानी को और ब्राउज़र को जो लोग develop कर रहे थे उन लोगों की परेशानी को समझा. ये दिल से चाहते थे की web development की दुनिया में एक Modernisation आ सके और Web Developers की और ब्राउज़र को बनाने वालो की प्रॉब्लम solve किया जा सके इसलिए इन्होने 1995-1997 तक html के Version पर काम करना सुरु कर दिया.

उस वक्त की सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये थी की जितने भी ब्राउज़र थे वो कहते थे web developer से की अगर तुम्हे हमारे platform पर अपनी वेबसाइट को लेकर आना है तो तुम लोगो को हमारी दी गयी Guidelines के हिसाब से अपनी साईट को लिखना पड़ेगा और ये एक बहुत ही Cumbersome काम था developers के लिए क्योंकि developers चाहते है की वो ज्यादा browsers को सपोर्ट कर पाए और अगर ऐसा वह लोग नहीं कर पा रहे है तो उन लोगों को अलग अलग Browsers के लिए अलग अलग कोड लिखना पड़ेगा और ये बहुत ही Cumbersome task हो जायेगा web developers के लिए.

Tim Berners-Lee ये समझ चुके थे की ये बहुत बड़ी प्रॉब्लम है ख़ास कर Web Developers के लिए और वह लोग जो की ब्राउज़र को बनाना चाहते हैं, उन लोगो के लिए भी ये कोई छोटी परेशानी नही है. Tim Berners-Lee की जो कोशिशे थी वो सफल हुई और 1999 में एक committee बैठी जिसने html 4.0 को एक Standard बनाया. अब किसी भी Web Developers को अगर कोई वेबसाइट बनानी है तो वो Standard का इस्तेमाल करके बना सकता है बिना ब्राउज़र vendor से बात किए और कोई भी अगर ब्राउज़र को बनाना चाहते हैं तो वह specification का इस्तेमाल कर सकते हैं.

Html 4.2 का इस्तेमाल आज की तारिख में भी बहुत सारे लोग करते हैं हलाकि की जो Stable Version आज की तारीख में html का है वह 5.0 है इसको हम सभी लोग html 5 के नाम से जानते हैं. कुछ Web Developers html 4 का इस्तेमाल आज भी करते हैं. सन 2000 में एक interesting सी चीज़ हुई, W3C यानि की वर्ल्ड वाइड वेब consortium html को maintain कर रही थी और कुछ committee के members ये चाहते थे की html को xml की दिशा में push किया जाये. यानी की जो xml के अन्दर strict rules हैं उनको html के अन्दर प्रोपोस किया जाये, Enforce किया जाये और अगर ऐसा करेंगे तो Web Developers को बहुत ही Strict Boundation में वेबसाइट को लिखने पड़ेंगे और अगर उन्होंने कोई गलती की तो error throw किया जायेगा.


लेकिन इस idea को ठुकरा दिया गया और उसका Reason ये था की ये बात ना ही तो Web Developers के Favour में थी और ना ही Web Developers, जो वेबसाइट बना रहे हैं उनके users के Favour में थी. जरा सोचिये आप किसी भी वेबसाइट पे जाते हैं और किसी छोटी मोटी गलती की वजह से आपको Error देखने को मिलता है की Undefined Syntax या फिर Line Number इतने पर लाइन नंबर या Correct This Invalid तो आपको कैसा लगेगा?

Xhtml का 1.0 और 2.0 दोनों Version को लाया गया लेकिन इस idea को एक समय के बाद ठुकरा दिया गया और html का 4.0 और 5.0 पर सारे Developers ने काम करना शुरू कर दिया. फिर क्या था html का Developers बहुत ही जोरो शोरो से चलता रहा और html की Further Development Timelines आपलोगों की स्क्रीन पर मौजूद हैं, तो ये था html के बारे में कुछ History और किस तरह से html की स्थापना हुई.

अब बात करतें है html के Syntax की और किस तरह से आप लोग html का इस्तेमाल करके अपनी वेबसाइट बना सकते हैं.

HTML Syntax

किसी भी html पेज को शुरू करने के लिए हम लोग html tag का प्रयोग करते हैं. जिसको हमे बंद भी करना होता है कुछ इस प्रकार से….

<!DOCTYPE html>

<html>

</html>

Html की Boilerplate कुछ इस तरह से होती है. और ये Boiler plate Modern Code Editors और IDEs. आप लोगो को आउट ऑफ़ बॉक्स generate करने की utility देते हैं. Html के अन्दर मुख्य तौर पर एक head tag होता है. जिसके अन्दर आपलोग title डालतें हैं और आप लोग scripts डाल सकतें हैं और css डाल सकते हैं जिसकी सहायता से आप लोग अपने Documents को style करेंगे.|

HTML Tags

Most of The html tag को अगर आप लोग खोलते हैं तो Opening tag कुछ इस तरह से होगा <D>Hello There और Closing tag कुछ इस तरह से होता है </DemoTag> लेकिन html के अन्दर कुछ टैग्स ऐसे भी होते हैं, जो की आप लोगों को Close करने की ज़रुरत नही है. ऐसे टैग्स को Self-closing tag कहा जाता है और इनके कुछ उदहारण हैं <hr> tag, <br> tag और <img> tag.

आपकी वेबसाइट के अन्दर जो मुख्य content होता है वह body tag के अन्दर लिखे गए कोड को parse करने के बाद मिलते है. अगर आप लोग html के अन्दर कोई text ऐसा लिखना चाहतें हैं, जो parse न किये जाए तो आप लोग html के अन्दर comments लिख सकतें हैं.

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